सड़कें-गलियाँ डूबीं, अस्पताल बना ‘मिनी पोखर’ नगर निगम के इंतजाम धरे रह गए – शहर तालाब में तब्दील दुकानों से अस्पताल तक पानी-पानी

🌧️ सीतामढ़ी में बारिश का कहर
मुख्य बाजार और रिहायशी इलाकों में पानी घुसा, सुबह से बाज़ार बंद – लोग बेहाल
सीतामढ़ी। बीती रात से जारी मूसलधार बारिश ने शहर की रफ्तार रोक दी है। मेन रोड, स्टेशन रोड, डुमरा रोड, कोर्ट बाजार और गोशाला क्षेत्र में दो से तीन फीट तक पानी भर गया। दुकानों और घरों में पानी घुसने से लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई है।
सुबह से ही मुख्य बाजार बंद रहा। कई दुकानों का सामान भीगकर खराब हो गया। स्थानीय लोगों ने नगर निगम पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि हर साल बारिश में यही स्थिति दोहराई जाती है क्योंकि जल निकासी की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है।
सदर अस्पताल परिसर और दफ्तर तक पानी घुस जाने से मरीजों और स्टाफ को भी भारी परेशानी उठानी पड़ी।


शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी है।
👉 नगर निगम के दावों के बावजूद सड़कों पर तालाब और दुकानों में पानी भर गया है।
👉 हालात इतने भयावह हैं कि सदर अस्पताल में 3 फीट तक पानी घुस गया, जिससे मरीज और उनके परिजन बुरी तरह परेशान हैं।
👉 शहर के कई इलाकों में जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह ठप है और लोग गंदे पानी में तैरकर आने-जाने को मजबूर हैं।
सवाल उठता है — करोड़ों की योजना और वादों के बावजूद नगर निगम आखिर सो क्यों रहा है?
जनता बेहाल, प्रशासन लापरवाह… यह है सीतामढ़ी नगर निगम का असली चेहरा।

